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Most Beautiful journey Travel by train Kalka to Shimla

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कहानी

अधूरा सपना रात के जब 10 बजते हैं तो बहुत सारे लोग बिस्तर पर लेट जाते हैं। जबकि नींद किसी-किसी को आती है। और कुछ लोग तो बहुत बदकिस्मत होते हैं जो नींद के लिए दवाई का सहारा लेते हैं। कालू और घटूं भी सबकी तरह इंसान हैं। लेकिन दोनों का मामला थोड़ा-सा अलग है। जब रात में दोनों को नींद नहीं आती है तो दोनों अपने इस हकीकत की भयानक दुनिया से सपनों की दुनिया में खो जाते हैं जहां वे सपने देख सकता है। हम जिस माॅर्डन स्टेट में रह रहे हैं दोनों भी इसी माॅर्डन स्टेट का हिस्सा है लेकिन अतंर यह है कि दोनों  हिस्सा होकर भी इससे वाक़िफ नहीं है। कालू और घटूं दो पक्के मित्र है। दोनों द्वारका से सटे पालम के झूग्गी में रहते हैं। कालू 10 साल का लड़का है और घटूं 9 साल का। दोनों के हालात एक जैसे हैं। पारिवारिक और आर्थिक स्थिति बिल्कुल एक समान है। कालू भी अपनी मां का इकलौता बेटा है और घटूं भी अपनी मां का इकलौता बेटा है। दोनों के पापा नहीं है। एक साल पहले जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। तब से ही दोनों कूड़ा बीनकर घर चलाने में मां की मदद करता है। इलाके के नगर निगम स्कूल में दोनों वहां किताब वाला बस्ता नह...

प्रवासी मजदूर प्रवास क्यों करते हैं

कोरोनावायरस के कारण प्रवासी बिहारी मजदूरों की स्थिति- कोरोनावायरस एक वैश्विक महामारी है। पूरा देश इससे परेशान है। इससे बचने के लिए देशभर में लाॅकडाउन चल रहा है। यह एक प्रकार का आपातकाल ही है, जिसे लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है। लाॅकडाउन के सहारे समाजिक दूरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोरोनावायरस को हराया जा सकें। लेकिन इसका पूरे देश पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है, देश की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। विकास की रफ़्तार रूक सी गई है। सारी फैक्ट्रियां बंद है, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित प्रवासी बिहारी मजदूर हुए हैं। उनकी स्थिति कुछ ऐसी है कि जहां काम करते हैं वहां इस दौरान रहें तो बिना खाए मर जाएंगे। बिहारी मजदूर प्रावस के लिए क्यों मजबूर हैं आइए समझते हैं। ग्रामीण इलाकों का कृषि आधार वहाँ रहने वाले सभी लोगों को रोज़गार प्रदान नहीं करता है। क्षेत्रीय विकास में असमानता लोगों को ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित होने के लिये मजबूर करती है। शैक्षणिक सुविधाओं की कमी के कारण विशेष रूप से उच्च शिक्षा प्राप्त लोग इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये लिये ग्रामीण लोगों क...